Monday, April 19, 2021

मंजरी कक्षा 8/पाठ 1/ वीणा वादिनी वर दे

Q1...पद्यांश की व्याख्या करो:-
1) वीणा वादिनी............जग कर दे।
:-कवि सरस्वती माता से प्रार्थना करता है कि हे वीणा वादिनी माता !आप हमें वर दो और भारत के नागरिकों में स्वतंत्रता की भावना का अमृत मंत्र भर दो। हे माता! आप भारतवासियों के अंधकार से व्याप्त ह्रदय के सभी बन्धन काट दीजिये और ज्ञान का स्रोत बहाकर जितने भी पाप दोष, अज्ञानता हैं, उन्हें दूर कीजिये और उनके ह्रदयों को प्रकाश से जगमग कर दीजिए।

2) नवगति, नव...... ...      ..नव स्वर दे।
:-कवि प्रार्थना करता है कि नई गति , नई लय, नई ताल व नए छंद, नई वाणी और बादल के समान गम्भीर स्वरूप प्रदान कीजिये।आप नए आकाश में विचरण करने वाले नए नए पक्षियों के समूह को नित्य नए नए स्वर प्रदान करो  है मां हमे आप ऐसा गई वर दीजिए।

Q2:-कविता में कवि ने भारत के लिए क्या वरदान मांगा है ?
:--स्वतंत्रता,अमरत्व,ज्ञान और नवजागरण का वरदान।

Q3:- भाव स्पष्ट करो
क);--काट अंधा उर के बन्धान स्तर , बहा जननी , ज्योतिर्मय निर्झर।
:--  अज्ञानी पुरुषों का अज्ञान दूर करो और ज्ञान का स्रोत बहा दो ।
ख):---कलुष भेद तम हर , प्रकाश भर,जगमग जग कर दे।
:----जितने भी पाप दोष , अज्ञानता हैं उन्हें दूर करो और ज्ञान के प्रकाश से संसार को जगमग कर दो ।
ग ):---नव गति , नव लय, ताल छंद नव, नवल कण्ठ, नव जलद मन्द्रव 
:----कवि प्रार्थना करता है कि हे माँ सरस्वती ।!तुम हम भारत वासियों को नई गति नई लय, नई ताल, नए छंद नई वणी दो और बादल के समान गम्भीर स्वरूप प्रदान करो।

मंजरी कक्षा 7/पाठ 1 / जागो जीवन के प्रभात

 पद्य की व्याख्या 

१. अब जागो ..............................................................................के प्रभात . 

कवि नव जीवन के प्रभात में जागने का आवाहन करता है . इस प्रातःकाल में ओस और बर्फ रूपी दुःख के जो कारण दिखाई देते थे , वे समाप्त हो गए हैं . लालिमायुक्त  शरीर वाली उषा प्रकट हो चुकी है . अतः प्रभात में जाग उठो , इस नवजीवन में सक्रिय हो जाओ . 

२. तम -नयनो ...............................................................................के प्रभात .

रात्रि के तारे , आँखों का अंधकार विलुप्त होकर प्रकाश की किरणों के समूह में मुंद गए हैं और प्रातः की शीतल , मंद और सुगंध वाली मलय समीर चल रही है . इस प्रभात वेला में जाग उठो और नवजीवन में सक्रिय हो जाओ . 

३ . रजनी की ............................................................................ के प्रभात .

प्रभात होने से रात्रिकालीन साज -सज्जा [ अंधकार ] की कालावधि बीत गई है . प्रातः पक्षियों का जो मधुर गान हो रहा , उससे उठ कर मिलो ,उसका अभिनन्दन करो . पूर्व दिशा से जागृती की हवा चलने लगी है . अतः इस प्रातः काल की बेला में जाग जाओ . नवजीवन में सक्रीय हो जाओ .

q १ = कवि ने प्रातःकाल पृथ्वी पर फैले ओस कणो को क्या कहा है ?

===दुःख भरे आंसू कहा है . 

q २ =उषा द्वारा ओस बटोरने का क्या आशय है ?

====उषा के आने पर दिन की गर्मी से ओस समाप्त हो जाती है , इसी प्रकार जागरण और सक्रियता से कष्ट दूर होते हैं . 

q ३ ==भाव स्पष्ट करो 

चल रहा सुखद यह मलय - वात . 

====कवि दुःखों से भरी रात में हिमकणों को दुःख के आंसू कहता है . लेकिन अब प्रभात हो चुकी है और शीतल मन्द सुगन्धित हवा चल पड़ी है 

q ४ ===भाव स्पष्ट करो 

==कलरव से उठकर भेंटों तो . 

===  कवि कहता है अब दुःख भरी रात बीत चुकी है और पक्षियों की चहचहाहट के साथ सुबह आ रही है .  

Saturday, November 14, 2020

नोट्स-मोड्यूल 2:-UP-स्वस्थ विद्यालयी परिवेश निर्मित...

अभिवादन आपको निष्ठा प्रशिक्षण की नोट्स श्रृंखला में आज प्रस्तुत है मोड्यूल 2, जिसके नोट्स आपको पूर्ववत स्क्रीनशॉट लेकर बनाने है..
धन्यवाद।
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उद्देश्य
1. व्यक्तिगत सामाजिक गुणों के बारे में शिक्षकों की समझ विकसित करने में सहायता करना।
2.स्वयं के व्यक्तिगत सामाजिक गुणों पर विचार करने के साथ छात्रों में उन्ही गुणों का विकास करने में।
3.कक्षा में मार्गदर्शन प्रदान करने के लिये आवश्यक गुणों और कौशलों का विकास करने में।
4.विद्यालयों/कक्षाओं में एक ऐसा वातावरण बनाने में , जहां सभी विद्यार्थी स्वीकार्य महसूस करे,उनमे आत्मविश्वास जगे,वे यह महसूस करे कि उनका ध्यान रखा जा रहा है और वे एक दूसरे की भलाई के लिए चिंतित है।
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व्यक्तिगत सामाजिक गुण
1) विद्यालय का वातावरण छात्रों के लिए उनके व्यक्तिगत सामाजिक गुणों को विकसित करने का मार्ग देता है जो उनके जीवन के सभी पहलुओं में उनके अधिगम और व्यवहार को प्रभावित करता है।
2) विद्यार्थियों की अधिगम प्रक्रिया में भावनाय एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं ।सकारात्मक भावनाएं खुशी, उत्साह,आदि प्रेरणा को बढ़ाती है और अधिगम और प्रदर्शन को सुविधाजनक बनाती है।नकारात्मक भावनाएं जैसे क्रोध,उदासी,अपराधबोध,रोष,असुरक्षाऔर सम्बंधित भावनाएं जैसे सजा का डर,उपहास,लांछन लगाना प्रेरणा से ध्यान कम करती हैऔर अधिगम में बाधा डालती है।
3.जब शिक्षक यह दर्शाते हैं कि वे छात्रों को जानने और उनकी मदद करने में रुचि रखते है,उनका ध्या्न रखते तो छात्र न के केेेवल भावनात्मक रूप से   सुरक्षित महसूस करते हैं बल्कि अपने दिन प्रतिदिन के व्यवहार में ऐसे गुणों को  दोहराने की कोशिश भी करते हैं  इसलिए आवश्यक है कि शिक्षक बच्चो के अधिगम और समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन के रूप मेंइन गुणो  और कौशलों के महत्व को समझें ।
........ ............    ..................
 विद्यालय में अवसर जहां व्यक्तिगत सामाजिक योग्यता का पोषण किया जा सकता है
1. पाठ्यक्रम संज्ञानात्मक विकास के साथ-साथ व्यक्तिगत सामाजिक  क्षमता के विकास के लिए स्थान प्रदान करता है।
2. विद्यालय की गतिविधियां जैसे प्रातः सभा मध्याह्न भोजन  वार्षिक दिवस आदि
3.  उच्च प्राथमिक स्तर पर पूर्व व्यवसायिक शिक्षा  जैसे कुछ उत्पादक कार्य गतिविधियों को गणित विज्ञान के साथ एकीकृत करने की आवश्यकता है
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 विद्यालय या कक्षा में स्वस्थ वातावरण के लिए आवश्यक गुण एवं कौशल

1. संवेदनशीलता और देखभाल
2  विश्वसनीयता
3. स्वयं और दूसरों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण
4. प्रभावी संचार कौशल
संसार के सभी आयामों में सुनना एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू है और यह संबंध बनाने में विशेष रूप से मदद करता है सुनना सूचना प्राप्तकर्ता द्वारा दी गई प्रतिक्रिया को संभव करता है लोग आमतौर पर अपने दैनिक बातचीत में पांच प्रकार की प्रतिक्रियाओं का उपयोग करते हैं जिन्हे 5 अक्षरों ए आई एस पी यू द्वारा पहचाना जाता है  
5. समानुभूति आप दूसरे व्यक्ति की भावनाओं को उसके दृष्टिकोण से समझने की क्षमता
..........  ...............................
अब इसके बाद बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी के नोट्स तैयार करते हैं।

1, स्कूल या कक्षाओ मे स्वस्थ वातावरण को बड़ावा देने के लिए शिक्षकों के गुण और कौशल इस प्रकार है .. 
a)  संवेदनशीलता और देखभाल
b) सहानुभूति और देखभाल
c) संवेदनशीलता और नियंत्रण
d) संवेदनशीलता और आशंका

2, चौकस श्रवण कौशल उपस्थित होने के लिए एक शिक्षक को छात्रों के निम्नलिखित पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है
a) मौखिक अभिव्यक्ति
b) व्यवहार और कार्य
c) सभी
d) गैर मौखिक भाव

3) इनमें से कौन एक प्रभावी सहायक की विशेषता नहीं है
a)व्यवहार परिवर्तन को सुकर बनाना
b) निर्णय लेने में मदद कारक 
c) व्यक्ति के लिए समस्याओं का समाधान करना
d) भावनाओं को समझने को सुकर बनाना।

4. शिक्षक संवेदनशीलता के गुणों को चित्रित  दर्शा सकता है
a) विचारों को व्यक्त और दूसरों को समग्र करना
b) दूसरों के साथ काम करने की क्षमता होना
c) दूसरों की राय लेकर
d) दूसरों की भावनाओं और विचारों से अवगत होकर

5. किसी अन्य व्यक्ति के दृष्टिकोण से स्थितियों को देखने में सक्षम होने की योग्यता को निम्न रूप में जाना जाता है
a) सहानुभूति पूर्ण व्यवहार b)वास्तविकता परीक्षण 
c)दृष्टिकोण जानना 
d)द्वंद से निपटना

6) बच्चों के समूह के बीच द्वंद के मामले में आप एक शिक्षक के रूप में कौन सी युक्ति का उपयोग करेंगे
a) बच्चों के बीच संवाद करने में सहज बनाएंगे 
b)स्कूल प्रधानाचार्य को मामले के बारे में सूचित करेंगे 
c)बच्चों को अपने आप हल करने के लिए छोड़ देंगे 
d)अपने अधिकार का उपयोग करें और मुद्दे का फैसला करेंगे 

5.तदनुभूति है
a) अपने स्वयं को समझना 
b)अपने और दूसरों से तर्क करना c)दूसरों के लिए खेद महसूस करना d)किसी और की तरह महसूस करना और सोचना

6. निम्न में से कौन संवेदनशील शिक्षक की विशेषता है 
a)आलोचना और मूल्यांकन से आहत होना 
b)छात्रों की आवश्यकताओं और समस्याओं के अनुरूप होना 
c)हर समय स्वयं और दूसरों की निगरानी करने में सक्षम होना 
d)स्वयं की आवश्यकताओं के प्रति सचेत रहना

7. शिक्षक छात्रों को वास्तविक चिंता और रूचि का संप्रेक्षण कर सकते हैं a)आंख से संपर्क करके 
b) उन्हें हमेशा उनका रास्ता देकर c)उनके कार्यों पर सवाल नहीं उठा कर 
d)उन्हें गतिविधियों में वरीयता देकर

8. छात्रों के लिए शिक्षकों को कक्षा के वातावरण में सकारात्मकता को बढ़ावा देने की आवश्यकता है 
ताकि छात्र अनुभव कर सके 
a)अलग और देखने योग्य 
b)संरक्षित और अनिश्चित 
c)एकांत और सतर्क 
d)सुरक्षित और स्वीकृत






Tuesday, November 3, 2020

short notes-पाठ्यचर्या और समावेशी शिक्षा (मोड्यूल1)

1.शिक्षा  का अधिकार अधिनियम-
-86वे संविधान संशोधन 2002 के द्वारा संविधान में 21A अनुच्छेद जोड़ा गया जो कि 6 से 14 साल के बच्चों को अनिवार्य,मुफ्त शिक्षा का प्रावधान करता है ।निःशुल्क औरअनिवार्य बाल शिक्षा(RTE)अधिनियम2009 और अनुच्छेद 21A 1अप्रैल 2010 को लागू हुआ।
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2) प्रमुख कथन -----
अ) बच्चों को ये सिखाया जाना चाहिए कि कैसे सोंचे , न कि ये कि क्या सोंचे--
मार्गरेट मीड
ब)यदि कुछ  बच्चे हमारे सिखाने के तरीके से नही सीख सकते हैं तब शायद हमे उन्हें उनके सीखने के तरीके से सिखाना चाहिए.....
इग्नासियो ऐस्त्रादा.
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3)राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा
(NCF2005):-A
इसका निर्माण NCERT द्वारा किया गया एवं इसको पूर्ण करने का कार्य प्रो. यशपाल जी द्वारा किया गया।इसका प्रमुख लक्ष्य आत्मज्ञान अर्थात विद्यार्थियों को अलग अलग अनुभव का अवसर देकर उन्हें स्वयं ज्ञान की प्राप्ति करनी होती है।
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4) NCF2005  की प्रमुख विशेषताएं----
इसके अनुसार प्राथमिक स्तर पर भाषा का माध्यम मातृभाषा हो।
शिक्षण सूत्र ज्ञात से अज्ञात की और, मूर्त से अमूर्त का प्रयोग।
सूचना को ज्ञान मानने से बचा जाए
बालको के चहुमुखी विकास पर आधारित पाठ्यचर्या।सभी विद्यार्थियों हेतु समावेशी वातावरण तैयार करना।

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5)NCF के प्रमुख तथ्य---
A)NCF इस मंत्रालय की पहल पर तैयार हुआ-मानव संसाधन मंत्रालय
B) NCF 2005 का प्रमुख सूत्र है..
Learning without burdon
बिना भार के अधिगम
C)NCF का प्रारम्भ रवींद्रनाथ टैगोर के इस निबंध से होता है........ 
सभ्यता और प्रगति
D)NCF2005 में बल दिया गयाहै-
शांति के लिए शिक्षा
E)NCF2005 का भाषाफ़ार्मूला है.
त्रि भाषाफ़ार्मूला
F)NCF 2005 के अनुसार मार्गदर्शक सिद्धान्त में निहित है---
ज्ञान को स्कूल के बाहर के जीवनसे जोड़ना।
G)NCF2005 के अनुसार बच्चों की गलतियां क्यों महत्वपूर्ण है..
यह समाधान को पहचानने में सहायता करती है।
H)NCF 2005 सिफारिश करता है की प्राथमिक स्तर पर गणित की शिक्षा का केंद्र होना चाहिए.....
कक्षा में पढ़ाये गए टॉपिक्स को जीवन से जोड़ना।
I) NCF 2005 के अनुसार सीखना है.. .......  
मानसिक विकास,शिल्प कला
 केंद्र,एवं व्यवसायिक ज्ञान।
J)   NCF 2005 बल देता है...
करके सीखने पर ।

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6) सही क्रम लगाएं----
राष्ट्रीय शिक्षा नीति
।।।
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा
।।।
पाठ्यचर्या
।।।
पाठ्यक्रम
।।।
पाठ्यपुस्तकें
।।।
TLM
।।।
सीखने के प्रतिफल

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7)राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEP 2020-
इससे पहले 1968,1986 में शिक्षा पर दो राष्ट्रीय नीति लाई गई थी।

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8) राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रमुख तथ्य--   --------
A)हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाई गई जिसे सभी के परामर्श से तैयार किया गया है।
B)नई शिक्षा नीति 2020 की घोषणा के साथ ही मानव संसाधन मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है। 
C) इसके उद्देश्यों के तहत वर्ष 2030 तक स्कूली शिक्षा में 100% GER के साथ-साथ पूर्व-विद्यालय से माध्यमिक स्तर तक शिक्षा के सार्वभौमिकरण का लक्ष्य रखा गया है।
D)अंतिम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 में बनाई गई थी जिसमें वर्ष 1992 में संशोधन किया गया था।
E)वर्तमान नीति अंतरिक्ष वैज्ञानिक के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट पर आधारित है
F)नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के तहत वर्ष 2030 तक सकल नामांकन अनुपात (Gross Eurolment Ratio-GER) को 100% लाने का लक्ष्य रखा गया है।
G)नई शिक्षा नीति के अंतर्गत केंद्र व राज्य सरकार के सहयोग से शिक्षा क्षेत्र पर जीडीपी के 6% हिस्से के सार्वजनिक व्यय का लक्ष्य रखा गया है।
...   ........................................
  

 7)राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रमुख बिंदु------------

A)स्कूली शिक्षा संबंधी प्रावधान----

  • नई शिक्षा नीति में 5 + 3 + 3 + 4 डिज़ाइन वाले शैक्षणिक संरचना का प्रस्ताव किया गया है जो 3 से 18 वर्ष की आयु वाले बच्चों को शामिल करता है।
    • पाँच वर्ष की फाउंडेशनल स्टेज (Foundational Stage) - 3 साल का प्री-प्राइमरी स्कूल और ग्रेड 1, 2
    • तीन वर्ष का प्रीपेट्रेरी स्टेज (Prepatratory Stage)
    • तीन वर्ष का मध्य (या उच्च प्राथमिक) चरण - ग्रेड 6, 7, 8 और
    • 4 वर्ष का उच (या माध्यमिक) चरण - ग्रेड 9, 10, 11, 12
  • NEP 2020 के तहत HHRO द्वारा ‘बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान पर एक राष्ट्रीय मिशन’ (National Mission on Foundational Literacy and Numeracy) की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है। इसके द्वारा वर्ष 2025 तक कक्षा-3 स्तर तक के बच्चों के लिये आधारभूत कौशल सुनिश्चित किया जाएगा।

B)भाषायी विविधता का संरक्षण--- 

  • NEP-2020 में कक्षा-5 तक की शिक्षा में मातृभाषा/स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा को अध्ययन के माध्यम के रूप में अपनाने पर बल दिया गया है। साथ ही इस नीति में मातृभाषा को कक्षा-8 और आगे की शिक्षा के लिये प्राथमिकता देने का सुझाव दिया गया है।
  • स्कूली और उच्च शिक्षा में छात्रों के लिये संस्कृत और अन्य प्राचीन भारतीय भाषाओं का विकल्प उपलब्ध होगा परंतु किसी भी छात्र पर भाषा के चुनाव की कोई बाध्यता नहीं होगी।

C)शारीरिक शिक्षा-----

  • विद्यालयों में सभी स्तरों पर छात्रों को बागवानी, नियमित रूप से खेल-कूद, योग, नृत्य, मार्शल आर्ट को स्थानीय उपलब्धता के अनुसार प्रदान करने की कोशिश की जाएगी ताकि बच्चे शारीरिक गतिविधियों एवं व्यायाम वगैरह में भाग ले सकें।

D)पाठ्यक्रम और मूल्यांकन संबंधी सुधार-- --

  • इस नीति में प्रस्तावित सुधारों के अनुसार, कला और विज्ञान, व्यावसायिक तथा शैक्षणिक विषयों एवं पाठ्यक्रम व पाठ्येतर गतिविधियों के बीच बहुत अधिक अंतर नहीं होगा।
  • कक्षा-6 से ही शैक्षिक पाठ्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा को शामिल कर दिया जाएगा और इसमें इंटर्नशिप (Internship) की व्यवस्था भी की जाएगी।
  • ‘राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद’ (National Council of Educational Research and Training- NCERT) द्वारा ‘स्कूली शिक्षा के लिये राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा’ (National Curricular Framework for School Education) तैयार की जाएगी।
  • छात्रों के समग्र विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कक्षा-10 और कक्षा-12 की परीक्षाओं में बदलाव किया जाएगा। इसमें भविष्य में समेस्टर या बहुविकल्पीय प्रश्न आदि जैसे सुधारों को शामिल किया जा सकता है।
  • छात्रों की प्रगति के मूल्यांकन के लिये मानक-निर्धारक निकाय के रूप में ‘परख’ (PARAKH) नामक एक नए ‘राष्ट्रीय आकलन केंद्र’ (National Assessment Centre) की स्थापना की जाएगी।
  • छात्रों की प्रगति के मूल्यांकन तथा छात्रों को अपने भविष्य से जुड़े निर्णय लेने में सहायता प्रदान करने के लिये ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ (Artificial Intelligence- AI) आधारित सॉफ्टवेयर का प्रयोग।

E)शिक्षण व्यवस्था से संबंधित सुधार------

  • शिक्षकों की नियुक्ति में प्रभावी और पारदर्शी प्रक्रिया का पालन तथा समय-समय पर किये गए कार्य-प्रदर्शन आकलन के आधार पर पदोन्नति।
  • राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा वर्ष 2022 तक ‘शिक्षकों के लिये राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक’ (National Professional Standards for Teachers- NPST) का विकास किया जाएगा।
  • राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा NCERT के परामर्श के आधार पर ‘अध्यापक शिक्षा हेतु राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा’ [National Curriculum Framework for Teacher Education-NCFTE) का विकास किया जाएगा।
  • वर्ष 2030 तक अध्यापन के लिये न्यूनतम डिग्री योग्यता 4-वर्षीय एकीकृत बी.एड. डिग्री का होना अनिवार्य किया जाएगा।

F)उच्च शिक्षा से संबंधित प्रावधान--   --;

  • NEP-2020 के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘सकल नामांकन अनुपात’ (Gross Enrolment Ratio) को 26.3% (वर्ष 2018) से बढ़ाकर 50% तक करने का लक्ष्य रखा गया है, इसके साथ ही देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में 3.5 करोड़ नई सीटों को जोड़ा जाएगा।
  • NEP-2020 के तहत स्नातक पाठ्यक्रम में मल्टीपल एंट्री एंड एक्ज़िट व्यवस्था को अपनाया गया है, इसके तहत 3 या 4 वर्ष के स्नातक कार्यक्रम में छात्र कई स्तरों पर पाठ्यक्रम को छोड़ सकेंगे और उन्हें उसी के अनुरूप डिग्री या प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा (1 वर्ष के बाद प्रमाण-पत्र, 2 वर्षों के बाद एडवांस डिप्लोमा, 3 वर्षों के बाद स्नातक की डिग्री तथा 4 वर्षों के बाद शोध के साथ स्नातक)।
  • विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों से प्राप्त अंकों या क्रेडिट को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने के लिये एक ‘एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ (Academic Bank of Credit) दिया जाएगा, ताकि अलग-अलग संस्थानों में छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें डिग्री प्रदान की जा सके।
  • नई शिक्षा नीति के तहत एम.फिल. (M.Phil) कार्यक्रम को समाप्त कर दिया गया।
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9) पाठ्यचर्या,पाठ्यक्रम..
पढ़ने अथवा पढ़ाने योग्य विषय ,वस्तु ,सामग्री तथा क्रियाएं पाठ्यचर्या कहलाती है।पाठ्यचर्या को परिवर्तन कारी भूमिका निभानी होती है।
पाठ्यक्रम कक्षावार और विषयवार पढ़ाये जाने वाले विषयों की सूची प्रदान करता है।पाठ्यक्रम एक दस्तावेज है जो पढ़ाई जाने वाली विषयवस्तु की जानकारी देता है।

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10) सीखने का प्रतिफल-----
NCERT ने विकसित किया है जो पठन सामग्री को रटकर याद करने के मूल्यांकन से दूर हटाने के लिए बनाया गया है।
सीखने का प्रतिफल ज्ञान और कौशल से परिपूर्ण ऐसे कथन है जिन्हें बच्चों को एक विशेष कक्ष्या पाठ्यक्रम के अंत तक प्राप्त करने की आवश्यकता है।

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11) विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के सीखने के प्रतिफल के प्रमुख प्रावधान---
A) अधिगम प्रक्रिया में भागीदारी।बच्चों की आपस मे तुलना से बचे।
B)व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार पाठ्यचर्या और सीखने के परिवेश में बदलाव।
C)विभिन्न पठन क्षेत्रों में अनुकूलित गतिविधियों का प्रावधान ।
D)उम्र और सीखने के स्तरों के अनुरूप सुलभ पाठ और सामग्री।
E)कक्षाओं का उपयुक्त प्रबंधन जैसे शोर, चकाचौंध आदि का प्रवंधन
F)ICT , वीडियो,या डिजिटल स्वरूप का उपयोग करके अतिरिक्त सहायता का प्रावधान।
G)गतिशीलता सहायक यंत्र(व्हील चेयर,बैसाखी,सफेद बेंत, श्रवण सहायक , ऑप्टिकल या गैर ऑप्टिकल सहायता, शैक्षिक सहायता (टेलर फ्रेम,अबेकस)
H)  अन्य बच्चों को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की विशेषताओं और कमजोरियों के प्रति संवेदनशील बनाना।
I) आकलन के सफल समापन के लिए उपयुक्त विधि और अतिरिक्त समय का चयन करना।
J)घरेलू भाषा के लिए सम्मान और सामाजिक सांस्कृतिक परिवेश से जुड़ाव।

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12)समावेशी कक्षाएं=

समावेशी शिक्षण से बच्चों की विलक्षण विशेषताओं/गुणों और कमजोरियों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है और इस प्रकार उनकी व्यक्तिगत अधिगम की आवश्यकताओं को भी पूरा किया जाता है ।
विद्यालय में सफलता के लिये हमें विविध सामाजिक तथा आर्थिक पृष्ठ भूमि वाले और शारीरिक,मनोवैज्ञानिक एवं बौद्धिक विशेषताओं में भिन्नता वाले बच्चों का ध्यान रखना होगा।
अलगाव वाली स्कूली शिक्षा की तुलना में समावेशी शिक्षा का तरीका कम खर्चीला और ज्यादा प्रभावी है।
कक्षा का माहौल ऐसा हो कि हर बच्चा खुश और तनावमुक्त महसूस करे।
जब सभी बच्चे उनकी पृष्ठभूमि या सीखने की जरुरतों पर आधारित भेदभाव के बिना एक साथ शिक्षित होते है तो सभी को लाभ होता है।
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13) शिक्षा का उद्देश्य केवल समावेशी विद्यालय ही नही बल्कि समावेशी समाज भी बनाना है।
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14) सभी शिक्षकों को कक्षाओं में प्रवेश करने से पूर्व अपने स्वयं के पूर्वाग्रहों/पक्षपातों को छोड़ देना चाहिए।
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15) छात्राये विशेष हाशिये पर रह रहे समूहों की छात्राये अपने आपको अधिगम वातावरण में अलग थलग सा महसूस करती है।अतः शिक्षक को पहले स्वयं सभी विद्यालयी गतिविधियों में जेंडर के अंतर की पहचान करनी चाहिए और फिर कक्षा में उसके अनुसार गतिविधियों की योजना तथा कार्यान्वयन करनाचाहिए।
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16) शिक्षकों के कौशल---- 
A)विद्यार्थियों में अंतर की पहचान करने के लिए सम्वेदनशीलता।
B)विद्यार्थियों के बीच सामाजिक सांस्कृतिक , सामाजिक-आर्थिक और भौतिक विविधताओं की स्वीकृति
C)मतभेदों की सराहना करना और उन्हें संसाधन के रूप में मानना।
D)शिक्षण अधिगम की विभिन्न जरूरतों को समझने के लिए समानुभूति और कार्य
F)  शिक्षार्थियों को विभिन्न विकल्प प्रदान करने के लिए संसाधन जुटाने की क्षमता।
G)प्रौद्योगिकी के उपयोग से अधिगम सहायता करना 
H)अंतर-व्येक्तिक सम्बन्धो / मृदु कौशलों से निपटना ।
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17)समावेशी शिक्षा और RPWD अधिनियम 2016-----
इसे दिव्यांगजन अधिकार कानून 2016 के नाम से भी जाना जाता है और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देता है।
समावेशी शिक्षा का अर्थ शिक्षा की एक ऐसी प्रणाली है जिसमे सामान्य और विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थी एक साथ सीखते है और शिक्षण अधिगम व्यबस्था को 
विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की विभिन्न प्रकार की शिक्षण अधिगम की जरूरतों को पूरा करने के लिए उपयुक्त रूप से अनुकलित किया जाता है।
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References-निष्ठा पुस्तिका, विकिपीडिया, दृष्टि आई ए एस  और इण्टरनेट से प्राप्त सामग्री।
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Monday, November 2, 2020

निष्ठा प्रशिक्षण -नोट्स -भाग 2(पाठ्य चर्या व समावेशी शिक्षा)

सादर अभिवादन
आशा है कि आपने भाग 1 के नोट्स बना लिए होंगे। अब आपके समक्ष प्रस्तुत है भाग 2 के नोट्स का वीडियो।इसका स्क्रीन शॉट लेकर आप स्वयम के नोट्स बनाये।
बहुविकल्पीय प्रश्नावली
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1)शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू हुआ-----
अ) 2008
ब) 2007
स) 2009
द) 2010

2) जो कक्षावार और विषयवार विषयों या प्रकरणों को पढ़ाए जाने की सूची प्रदान करता है, वह है--
अ)पाठ्यचर्या
ब)पुस्तके
स)पाठ्यक्रम
द)लर्निंग आउट कम्स 

3)10+2 स्कूल की संरचना किस राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार संचालित की गई...
अ)1968
ब)1986
स)2020
द)कोई नही

4)सभी स्तर के बच्चों को कक्षा में बैठाकर शिक्षा प्राप्त करने का हक मिल सकता है यदि -----
अ)ज्यादा से ज्यादा विद्यालय खोले जाए
ब) सरकारी फरमान जारी किए जाए
स)शिक्षक अपना स्वयम का मन बना ले
द)शिक्षा पद्धति में लगाकर बदलाव लाये जाएं।

5) R T E अधिनियम संशोधन 2012 (समावेशी शिक्षा कानूनी एवं नीतिगत ढांचा )के अनुसार ------
अ)6 से 14 वर्ष की आयु वर्ग के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार है।
ब)6से 14 वर्ष की आयु वर्ग के हर बच्चे को पड़ोस के विद्यालय में निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है
)गम्भीर अक्षमता वाले बच्चे को घर मे शिक्षा पाने का पूर्ण अधिकार है
द)कोई नही


6) पाठ्यचर्या को बच्चों के लिए समावेशी और सार्थक बनाने के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा है कि--इसके लिए हमे शिक्षार्थियों के सीखने की प्रक्रियाओं के बारे में मौलिक बदलाव लाने की आवश्यकता है-यह -------------कहा गया है.
)NCF 2005
ब)NCF 2000
स) NCF 1986
द) NCF 1975

7) कक्षा में बच्चों की विविधता को गति देने का कार्य किया है-
अ)शासन के अध्यादेश और सक्षम नीतियों ने
ब)पालकों व शिक्षकों के प्रयास ने
स) सामाजिक विविधता ने
द) विद्वानों ने


8) भविष्य में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में सहयोग करेगी--
अ)विभाजित कक्षाएं
ब)विशिष्ट विद्यालय की कक्षाएं 
स)समावेशी कक्षाएं
द)उत्कृष्ट  विद्यालयों के उच्च स्तर के बच्चों की कक्षाएं


9)"जानवरों के स्कूल " में तैरने   की योग्यता में किस जानवर को तैरने में D ग्रेड प्राप्त हुआ.
अ)बन्दर
ब)गिलहरी
स)खरगोश
द)बत्तख


10) स्वयम को शिक्षार्थी के रुप मे देखना इस वीडियो के अनुसार बच्चे एक शिक्षक से जुड़ेंगे जब-
अ)शिक्षक को बच्चों के अनुसार अपनी पढ़ाने की विधि बदलनी पड़ेगी
ब)शिक्षक को बच्चों के मन की बात टटोलकर उनके अनुसार खेल गतिविधि करानी होगी।
स)जब बच्चों को शिक्षक सतंत्रतापूर्वक प्रश्न करने का अवसर देंगे।
द) सभी


11) गतिविधि 6 अधिगम शैली पर विचार (स्वयं को शिक्षार्थी के रूप में देखना ) नीचे दिए गए वाक्य की पूर्ति हेतु सही कथन है--"मुझे सीखना आसान लगता है जब"-
अ) सब के साथ गतिविधि करते हैं
ब)जब शिक्षिका डांटती नही बल्कि
मेरे उत्तरों की तारीफ करती है।
स)  जब मॉडल से कोई बात समझाई जाती है।
द)सभी


12) यूडीएल करता है----
अ)उन्नत दर्जे के शिक्षकों का प्रशिक्षण
) यह शिक्षार्थियों को उनके सीखने के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रतिक्रिया व प्रोत्साहन देता है
स) केवल विशिष्ट विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर देने के साथ साथ उनके लिए सहायक यंत्रों की व्यवस्था करता है।
द) कोई नही ।


13) समावेशी कक्षाओं को सफलतापूर्वक तभी बनाया जा सकता है तब--   -
अ) शिक्षक छात्र अनुपात पर ध्यान दिया जाए।
ब) शिक्षक समाज के लोगो को जाग्रत करने का कार्य करे।
स)शिक्षक जब शासन के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करे
द) शिक्षक के पास आवश्यक कौशल और दिव्यांग बच्चों की आवश्यकता को पूरा करने की  उवयुक्त रणनीति हो।


14) दृष्टिबाधित बच्चे का समावेशन करने के बाद उसे कक्षा में स्थान देना चाहिए------.
अ)कक्षा की अग्रिम पंक्ति में
ब)कक्षा के मध्य में बच्चों के बीच
स) सबसे पीछे की सीट पर जब किसी के द्वारा डिस्टर्ब न किया जा रहा हो।
द)  कोई नहीं।


15) विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से  प्रत्युत्तर हेतु मौखिक या लिखित के अलावा उपयोग करना .  
अ)वास्तविक वस्तुओं का
ब)शब्द का चित्र कार्ड का
स) फ्लैश कार्ड का
द)सभी का।


16) किसी प्रश्न के लिए ---
अ)एक उत्तर ही प्रोत्साहित करें
ब)अवधारणा को समझाने के लिए उपयोग की गई गतिविधियों से हटकर ही गतिविधियों का प्रयोग करे।
)विभिन्न प्रक्रियाओं हेतु प्रोत्साहित करें।
द)निर्धारित समय मे ही उत्तर पूरा करने को कहे।


17)बोली में देरी करने बाले विद्यार्थियों के मूल्यांकन में शिक्षकों को नही करना चाहिये
अ) चित्रों का उपयोग।
ब)चित्रों से संकेत करके प्रदर्शित करने की अनुमति देंना
स)अतिरिक्त समय देना
)दूसरे बच्चों से सहायता लेना।


18)  विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का मूल्यांकन करते समय ध्यान रखना चाहिये.   
अ) लचीलापन अपनाना चाहिये
ब)समय पालन पर विशेष ध्यान देना चाहिये।
स) सिलेबल्स प्रतिक्रियाओं को अस्वीकार करना चाहिये।
द) अ ,स विकल्प सही है


19) मूल्यांकन में निम्न में से किस टूल्स का उपयोग नही किया जा सकता है..
अ) अक्षर कट आउट्स
ब)सभी के लिए आडियो
स)चित्र कार्ड
द) कक्षा में की गई गतिविधियां


20) निम्न में  से किस प्रकार के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के मूल्यांकन हेतु स्पर्श आलेख का प्रयोग किया जा सकता है--
अ)श्रवण
ब)दृष्टि
स)शारीरिक
द)मानसिक


21)बौद्धिक दिव्यांग बच्चों हेतु मूल्यांकन में---
अ)छोटी इकाइयों का प्रयोग करना चाहिये
ब)बहुसंवेदी दृष्टिकोणों का उपयोग करना चाहिये।
स) चार्टों का प्रयोग करना चाहिए
) अ, ब सही है


22) विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का मूल्यांकन करने हेतु इनमे से किस प्रकार के प्रश्न उपयुक्त नही होंगे---
अ)पहचान कर चुनने वाले 
ब) विषम चीज की इंगित करने वाले
)लिखित उत्तर वाले
द) रंग भरने व चिपकाने वाले


23)फिजिकल इंडिसेबल बच्चों के मूल्यांकन हेतु---
अ)अतरिक्त समय अपरिहार्य है
ब)विविध टूल आवश्यक है
स)लेखन हेतु सहायक उपलब्ध कराया जा सकता है।
द)सभी


24) दिव्यांग बच्चों में गणित में भिन्न का मूल्यांकन हेतु  प्रयोग किया जा सकता है---
अ)गिनती चार्ट
ब)अबेकस
स)स्लेट व चाक
द)फोल्डिंग पेपर

Sunday, November 1, 2020

नोट्स -मॉड्यूल 1 -पाठ्यचर्या एवं समावेशी शिक्षा -भाग 1

आप के समक्ष आज प्रस्तुत है मॉड्यूल 1 के भाग1 के बहुविकल्पीय प्रश्नो के नोट्स।आप वीडियो/ब्लॉग के स्क्रीनशॉट लेकर इनसे नोट्स प्राप्त कर सकते हैं। 18 मॉड्यूल के बाद हम सब का online exam होना है। इसमें ये नोट्स हमारे लिए सहायक सिद्ध होंगे।आप लोग हमारे यूट्यूब चैनल को subscribe अवश्य करे ताकि  आपको  शेष मॉड्यूल के नोट्स प्राप्त होते रहे।



1=यू डी एल के  सम्बन्ध  मे   क्या सही  नहीं है ----
A)यह केवल विशेष योग्यता वाले बच्चों के लिये प्रभावी है ।
B)यह कक्षा में सीखने वाले की आवश्यकताओं को पूरा करता है ।
C) इसमें विशेष आवश्यकता वाले बच्चे भी शामिल हैं।
D)यह स्वीकार करता है कि एक आकार सबके लिए सत्य नही होता।

2=निम्न विकल्पों में से कौन सा एक यू डी एल की सही व्याख्या नही करता
A)यह विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को बाकी बच्चों से अधिक वरीयता देता है।
B)इसमें शिक्षक और शिक्षार्थी व्यक्तिगत शिक्षण निर्धारित करने हेतु एक साथ काम करते है।
C)शिक्षार्थोयों को उनके सीखने के लक्ष्यों पूरा करने के लिए निरंतर प्रयत्न करते है ।
D)यह सभी स्तर के बच्चों को सीखने के समान अवसर देते है।

3=निम्न में से कौन सा एक यूडीएल के संबंध में सही नही है-------
A)यह छात्रों की जरूरतों के अनुसार लचीली शिक्षण विधियों पर जोर देता है।
B)शिक्षार्थियों की पसंद या संस्था के अनुसार दत्त कार्य करने की स्वतंत्रता देता है।
C) इसमें छात्रों को सीखने के लिए सामग्री तक पहुंचने की आवश्यकता नही है।
D)सीखने की सामग्री को कई रूपों में बांटना।

4=यूडीएल किस सिद्धान्त पर कार्य नही करता-----
A)बहु साधन प्रस्तुति
B)बहु साधन अभिव्यक्ति
C)बहु साधन संलिप्तता
D)बहु साधन निषेध
    

5=कक्षा में विभिन्न प्रकार के काम करने के लिए अलग अलग स्थानों के साथ यूडीएल एक ऐसी व्यवस्था है जो ---------
A)व्यक्तिगत कार्य के लिए स्थान देता है ।
B)छोटे समूहों के कार्य के लिए स्थान देता है।
C)बड़े समूहों के कार्य के लिए स्थान देता है।

6=कौन सा एक कथन शिक्षक के लिये समावेशी कक्षा हेतु आवश्यक गुण को नही दर्शाता ....
A)सकारात्मक दृष्टिकोण
B)दूसरों की भावनाओं को समझना ।
C)पाठ्यक्रम को शीघ्रता से पूर्ण कराने की क्षमता ।
D)विश्वास।

7=समावेशी कक्षा हेतु निम्न में से कौन सा एक शिक्षक के गुण को नही दर्शाता..
A)छात्रों की प्रशंसा करना
B)छात्रों के बीच के अंतर को समझना
C)संवेदनशील बनना।
D)कोई नही

8=निम्न में से कौन सा एक समावेशी कक्षा के प्रति अध्यापक के गुणों को नही दर्शाता....
A)छात्रों की शक्तियों और कमजोरियों से उन्हें दूसरे से परिचित कराना।
B)ज्यादा होशियार बच्चों पर विशेष ध्यान नही देना ।
C)छात्रों की सामाजिक सांस्कृतिक विविधताओं को स्वीकार करना ।
D)स्नेहशील व लोकतंत्रात्मक रवैया।

9=इनमे से कोंन एक समावेशी कक्षा के लिये शिक्षक के गुण को नही दर्शाता....
A)अपनी सिखाने की शैली पर अडिग रहना।
B)सीखने की प्रक्रिया में सबकी भागीदारी सुनिश्चित करना।
C)बच्चों की तुलना से बचना ।
D)सिखाने की पद्धतियों में छात्रों के अनुसार बदलाव करना।

10=निम्न में से कौन एक समावेशी कक्षा के लिये शिक्षक के गुण को नही दर्शाता......
A)विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सहायक यंत्रों के उपयोग में सहूलियत प्रदान करना ।
B)जेंडर व पारंपरिक दृष्टिकोण बनाये रखना।
C) यूडीएल का प्रयोग करना।
D)विशेष आवश्यकता वाले बच्चों हेतु शैक्षिक सहायक सामग्री जैसे ट्रेलर,फ्रेम,अबेकस के प्रयोग में सहायता करना।

12=पाठ्यचर्या व समावेशी कक्षा मॉड्यूल का उद्देश्य नही है...
A)असाधारण परिस्थितियों ,पाठ्यचर्या व समावेशी शिक्षा से सम्बंधित मुद्दों पर विचार प्रकट करना।
B)विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को विशेष विद्यालय में भर्ती कराना।
C) समावेशी कक्षा व शिक्षा निर्माण की रणनीति बनाने में समृद्ध समझ विकसित करना।
D) कोई नही ।

12=प्रत्येक देश का करिकुलम निर्धारित होता है उस देश की----
A)आर्थिक विकास नीति पर।
B)औसत आय पर ।
C)कृषि विकास पर।
D)राष्ट्रीय शिक्षानीतिपर

13=समावेशी कक्षा में पढ़ते हैं 
A)समान मानसिक स्तर के बच्चे
B)समान आय स्तर के बच्चे।
C)भिन्न भिन्न क्षमताओं व स्तर के बच्चे 
D)लड़की और लड़कियां अलग अलग।

14=यदि हम भी विभिन्न स्तर के बच्चों को एक साथ लेकर चलते है तो
A)बच्चों में सुधार देखने को मिलता है।
B)बच्चों में इतनी प्रगति देखने को नही मिलती 
C)विशेष आवश्यकता वाले बच्चे पीछे रह जाते है।
D)सभी कथन गलत है।

15)कक्षा में बच्चों की विभिन्नताओं को देखते हुए
A)शिक्षक को अपनी अध्यापन विधियों में बदलाव की आवश्यकता है।
B)करिकुलम में लचीलापन कैसे ढूंढा जाए यह आवश्यक है
C)विभिन्न तरह की पैडोगाजी व उसकी प्रक्रिया जा पालन किया जाना आवश्यक है।
D)सभी ।


16=पाठ्यक्रम, सीखने के प्रतिफल, शिक्षक सहायक सामग्री,राष्ट्रीय शिक्षा नीति, पाठ्य पुस्तक, राष्ट्रीय पाठ्यचर्याकी रूपरेखा उक्त शब्दावलियों में तीसरे क्रम पर है---
A)पाठ्यपुस्तकें
B)पाठ्यक्रम
C)पाठ्यचर्या
D)कोई नही

17=राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा में शामिल नही है----
A)संवैधानिक मूल्य
B)धार्मिक व्यवसायीकरण
C)सामाजिक न्याय
D)वैज्ञानिक दृष्टिकोण

18=निम्न में से सत्य कथन है---
A)राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा विद्यालय की पाठ्यचर्या के लिए मार्ग दर्शन देती है 
B)संघ शासित प्रदेशोंऔर राज्यों के संदर्भ अलग होने के कारण पुस्तको में विभिन्नता हो सकती है।
C)शिक्षण सहायक सामग्री के प्रयोग से सूचनाएं , जानकारियों को विद्यार्थियों तक पहुंचाते हैं।
D)कोई नही

19=2019 तक कितनी राष्ट्रीय शिक्षा नीति आई है.... 
A)एक
B)दो(1968, 1986)
C)तीन
D)चार

20=राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 के आधार पर NCERT द्वारा पहली पाठ्यचर्या की रूपरेखा किस सन में आई---
A) 1975
B) 1988
C) 2000
D) 2005

21=वर्ष 2020 की 5+3+3+4  शिक्षा नीति स्वतंत्रता प्राप्त के बाद कौन से क्रम की राष्ट्रीय शिक्षा नीति है
A)  4
B)  3
C)  5
D)  2 ।

22=NCERT ने किन कक्षाओं के लिए लर्निंग आउट कम्स का निर्माण किया है.     
A) कक्षा 1 से 5 
B)  कक्षा 1 से 8
C) कक्षा 1 से 10
D)कक्षा 1 से 12 तक 

23= राष्ट्रीय शिक्षा नीति का निम्न में से कौन सा कार्य नही है..  
A) स्कूल शिक्षा में पूर्व प्राथमिक से उच्चतर माध्यमिक तक शिक्षा प्रबंधन के लिए निर्देश प्रदान करना।
B) छात्रों को व्यवसाय प्रदान करना
C)यह उच्च शिक्षा का भी मार्गदर्शन करती है।
D)कोई नही

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