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Tuesday, May 4, 2021
Sunday, May 2, 2021
Monday, April 19, 2021
मंजरी कक्षा 8/पाठ 1/ वीणा वादिनी वर दे
मंजरी कक्षा 7/पाठ 1 / जागो जीवन के प्रभात
पद्य की व्याख्या
१. अब जागो ..............................................................................के प्रभात .
कवि नव जीवन के प्रभात में जागने का आवाहन करता है . इस प्रातःकाल में ओस और बर्फ रूपी दुःख के जो कारण दिखाई देते थे , वे समाप्त हो गए हैं . लालिमायुक्त शरीर वाली उषा प्रकट हो चुकी है . अतः प्रभात में जाग उठो , इस नवजीवन में सक्रिय हो जाओ .
२. तम -नयनो ...............................................................................के प्रभात .
रात्रि के तारे , आँखों का अंधकार विलुप्त होकर प्रकाश की किरणों के समूह में मुंद गए हैं और प्रातः की शीतल , मंद और सुगंध वाली मलय समीर चल रही है . इस प्रभात वेला में जाग उठो और नवजीवन में सक्रिय हो जाओ .
३ . रजनी की ............................................................................ के प्रभात .
प्रभात होने से रात्रिकालीन साज -सज्जा [ अंधकार ] की कालावधि बीत गई है . प्रातः पक्षियों का जो मधुर गान हो रहा , उससे उठ कर मिलो ,उसका अभिनन्दन करो . पूर्व दिशा से जागृती की हवा चलने लगी है . अतः इस प्रातः काल की बेला में जाग जाओ . नवजीवन में सक्रीय हो जाओ .
q १ = कवि ने प्रातःकाल पृथ्वी पर फैले ओस कणो को क्या कहा है ?
===दुःख भरे आंसू कहा है .
q २ =उषा द्वारा ओस बटोरने का क्या आशय है ?
====उषा के आने पर दिन की गर्मी से ओस समाप्त हो जाती है , इसी प्रकार जागरण और सक्रियता से कष्ट दूर होते हैं .
q ३ ==भाव स्पष्ट करो
चल रहा सुखद यह मलय - वात .
====कवि दुःखों से भरी रात में हिमकणों को दुःख के आंसू कहता है . लेकिन अब प्रभात हो चुकी है और शीतल मन्द सुगन्धित हवा चल पड़ी है
q ४ ===भाव स्पष्ट करो
==कलरव से उठकर भेंटों तो .
=== कवि कहता है अब दुःख भरी रात बीत चुकी है और पक्षियों की चहचहाहट के साथ सुबह आ रही है .
Saturday, November 14, 2020
नोट्स-मोड्यूल 2:-UP-स्वस्थ विद्यालयी परिवेश निर्मित...
Tuesday, November 3, 2020
short notes-पाठ्यचर्या और समावेशी शिक्षा (मोड्यूल1)
।।।
7)राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रमुख बिंदु------------
A)स्कूली शिक्षा संबंधी प्रावधान----
- नई शिक्षा नीति में 5 + 3 + 3 + 4 डिज़ाइन वाले शैक्षणिक संरचना का प्रस्ताव किया गया है जो 3 से 18 वर्ष की आयु वाले बच्चों को शामिल करता है।
- पाँच वर्ष की फाउंडेशनल स्टेज (Foundational Stage) - 3 साल का प्री-प्राइमरी स्कूल और ग्रेड 1, 2
- तीन वर्ष का प्रीपेट्रेरी स्टेज (Prepatratory Stage)
- तीन वर्ष का मध्य (या उच्च प्राथमिक) चरण - ग्रेड 6, 7, 8 और
- 4 वर्ष का उच (या माध्यमिक) चरण - ग्रेड 9, 10, 11, 12
- NEP 2020 के तहत HHRO द्वारा ‘बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान पर एक राष्ट्रीय मिशन’ (National Mission on Foundational Literacy and Numeracy) की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है। इसके द्वारा वर्ष 2025 तक कक्षा-3 स्तर तक के बच्चों के लिये आधारभूत कौशल सुनिश्चित किया जाएगा।
B)भाषायी विविधता का संरक्षण---
- NEP-2020 में कक्षा-5 तक की शिक्षा में मातृभाषा/स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा को अध्ययन के माध्यम के रूप में अपनाने पर बल दिया गया है। साथ ही इस नीति में मातृभाषा को कक्षा-8 और आगे की शिक्षा के लिये प्राथमिकता देने का सुझाव दिया गया है।
- स्कूली और उच्च शिक्षा में छात्रों के लिये संस्कृत और अन्य प्राचीन भारतीय भाषाओं का विकल्प उपलब्ध होगा परंतु किसी भी छात्र पर भाषा के चुनाव की कोई बाध्यता नहीं होगी।
C)शारीरिक शिक्षा-----
- विद्यालयों में सभी स्तरों पर छात्रों को बागवानी, नियमित रूप से खेल-कूद, योग, नृत्य, मार्शल आर्ट को स्थानीय उपलब्धता के अनुसार प्रदान करने की कोशिश की जाएगी ताकि बच्चे शारीरिक गतिविधियों एवं व्यायाम वगैरह में भाग ले सकें।
D)पाठ्यक्रम और मूल्यांकन संबंधी सुधार-- --
- इस नीति में प्रस्तावित सुधारों के अनुसार, कला और विज्ञान, व्यावसायिक तथा शैक्षणिक विषयों एवं पाठ्यक्रम व पाठ्येतर गतिविधियों के बीच बहुत अधिक अंतर नहीं होगा।
- कक्षा-6 से ही शैक्षिक पाठ्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा को शामिल कर दिया जाएगा और इसमें इंटर्नशिप (Internship) की व्यवस्था भी की जाएगी।
- ‘राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद’ (National Council of Educational Research and Training- NCERT) द्वारा ‘स्कूली शिक्षा के लिये राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा’ (National Curricular Framework for School Education) तैयार की जाएगी।
- छात्रों के समग्र विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कक्षा-10 और कक्षा-12 की परीक्षाओं में बदलाव किया जाएगा। इसमें भविष्य में समेस्टर या बहुविकल्पीय प्रश्न आदि जैसे सुधारों को शामिल किया जा सकता है।
- छात्रों की प्रगति के मूल्यांकन के लिये मानक-निर्धारक निकाय के रूप में ‘परख’ (PARAKH) नामक एक नए ‘राष्ट्रीय आकलन केंद्र’ (National Assessment Centre) की स्थापना की जाएगी।
- छात्रों की प्रगति के मूल्यांकन तथा छात्रों को अपने भविष्य से जुड़े निर्णय लेने में सहायता प्रदान करने के लिये ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ (Artificial Intelligence- AI) आधारित सॉफ्टवेयर का प्रयोग।
E)शिक्षण व्यवस्था से संबंधित सुधार------
- शिक्षकों की नियुक्ति में प्रभावी और पारदर्शी प्रक्रिया का पालन तथा समय-समय पर किये गए कार्य-प्रदर्शन आकलन के आधार पर पदोन्नति।
- राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा वर्ष 2022 तक ‘शिक्षकों के लिये राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक’ (National Professional Standards for Teachers- NPST) का विकास किया जाएगा।
- राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा NCERT के परामर्श के आधार पर ‘अध्यापक शिक्षा हेतु राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा’ [National Curriculum Framework for Teacher Education-NCFTE) का विकास किया जाएगा।
- वर्ष 2030 तक अध्यापन के लिये न्यूनतम डिग्री योग्यता 4-वर्षीय एकीकृत बी.एड. डिग्री का होना अनिवार्य किया जाएगा।
F)उच्च शिक्षा से संबंधित प्रावधान-- --;
- NEP-2020 के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘सकल नामांकन अनुपात’ (Gross Enrolment Ratio) को 26.3% (वर्ष 2018) से बढ़ाकर 50% तक करने का लक्ष्य रखा गया है, इसके साथ ही देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में 3.5 करोड़ नई सीटों को जोड़ा जाएगा।
- NEP-2020 के तहत स्नातक पाठ्यक्रम में मल्टीपल एंट्री एंड एक्ज़िट व्यवस्था को अपनाया गया है, इसके तहत 3 या 4 वर्ष के स्नातक कार्यक्रम में छात्र कई स्तरों पर पाठ्यक्रम को छोड़ सकेंगे और उन्हें उसी के अनुरूप डिग्री या प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा (1 वर्ष के बाद प्रमाण-पत्र, 2 वर्षों के बाद एडवांस डिप्लोमा, 3 वर्षों के बाद स्नातक की डिग्री तथा 4 वर्षों के बाद शोध के साथ स्नातक)।
- विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों से प्राप्त अंकों या क्रेडिट को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने के लिये एक ‘एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ (Academic Bank of Credit) दिया जाएगा, ताकि अलग-अलग संस्थानों में छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें डिग्री प्रदान की जा सके।
- नई शिक्षा नीति के तहत एम.फिल. (M.Phil) कार्यक्रम को समाप्त कर दिया गया।
Monday, November 2, 2020
निष्ठा प्रशिक्षण -नोट्स -भाग 2(पाठ्य चर्या व समावेशी शिक्षा)
Sunday, November 1, 2020
नोट्स -मॉड्यूल 1 -पाठ्यचर्या एवं समावेशी शिक्षा -भाग 1
Saturday, October 24, 2020
Sunday, October 18, 2020
NMMS#scienceQuiz# विज्ञान क्विज#कक्षा 6,7,8@asgarali @innovativePrimary @यूट्यूब_विडियो_लिंक
NMMS#scienceQuiz# विज्ञान क्विज#कक्षा 6,7,8@asgarali @innovativePrimary @यूट्यूब_विडियो_लिंक यह 45 क्विज पूरे विज्ञान क्लास 6,7...
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Q1...पद्यांश की व्याख्या करो:- 1) वीणा वादिनी............जग कर दे। :-कवि सरस्वती माता से प्रार्थना करता है कि हे वीणा वादिनी माता !आप हमें व...
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