1) वीणा वादिनी............जग कर दे।
:-कवि सरस्वती माता से प्रार्थना करता है कि हे वीणा वादिनी माता !आप हमें वर दो और भारत के नागरिकों में स्वतंत्रता की भावना का अमृत मंत्र भर दो। हे माता! आप भारतवासियों के अंधकार से व्याप्त ह्रदय के सभी बन्धन काट दीजिये और ज्ञान का स्रोत बहाकर जितने भी पाप दोष, अज्ञानता हैं, उन्हें दूर कीजिये और उनके ह्रदयों को प्रकाश से जगमग कर दीजिए।
2) नवगति, नव...... ... ..नव स्वर दे।
:-कवि प्रार्थना करता है कि नई गति , नई लय, नई ताल व नए छंद, नई वाणी और बादल के समान गम्भीर स्वरूप प्रदान कीजिये।आप नए आकाश में विचरण करने वाले नए नए पक्षियों के समूह को नित्य नए नए स्वर प्रदान करो है मां हमे आप ऐसा गई वर दीजिए।
Q2:-कविता में कवि ने भारत के लिए क्या वरदान मांगा है ?
:--स्वतंत्रता,अमरत्व,ज्ञान और नवजागरण का वरदान।
Q3:- भाव स्पष्ट करो
क);--काट अंधा उर के बन्धान स्तर , बहा जननी , ज्योतिर्मय निर्झर।
:-- अज्ञानी पुरुषों का अज्ञान दूर करो और ज्ञान का स्रोत बहा दो ।
ख):---कलुष भेद तम हर , प्रकाश भर,जगमग जग कर दे।
:----जितने भी पाप दोष , अज्ञानता हैं उन्हें दूर करो और ज्ञान के प्रकाश से संसार को जगमग कर दो ।
ग ):---नव गति , नव लय, ताल छंद नव, नवल कण्ठ, नव जलद मन्द्रव
:----कवि प्रार्थना करता है कि हे माँ सरस्वती ।!तुम हम भारत वासियों को नई गति नई लय, नई ताल, नए छंद नई वणी दो और बादल के समान गम्भीर स्वरूप प्रदान करो।
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