इतिहास कक्षा 8/पाठ1/भारत मे यूरोपीय शक्तियों का आगमन

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 बहुविकल्पीय प्रश्न 
क ) अमेरिका की खोज किसने की थी ?======कोलंबस ने    
ख)   भारत में सर्वप्रथम कौन सा यूरोपीय व्यापारी आया था?
 पुर्तगाली 
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1===किस  यंत्र के आविष्कार से लंबी समुद्री यात्राएं आसान हो गई?
 कुतुबनुमा 
प्रश्न 2===वास्कोडिगामा किस देश का निवासी था ?
पुर्तगाल 
प्रश्न 3===मुगल बादशाह जहांगीर के दरबार में आने वाला प्रथम अंग्रेज राजदूत कौन था?
== कैप्टन हॉकिंस 
लघु उत्तरीय प्रश्न 
प्रश्न1==भारत और यूरोप के मध्य होने वाले व्यापारिक मार्गों के बारे में लिखिए?
 उत्तर =भारत और यूरोप के मध्य व्यापार  जल और हल मार्ग से होता था। इन मार्गों की संख्या तीन थी। पहला मार्ग फारस की खाड़ी से होता हुआ समुद्री मार्ग था, इस मार्ग से इराक तुर्की वेन वेनिस और जिनेवा से व्यापार होता था ।दूसरा मार्ग लाल सागर से अलेक्जेंड्रिया का था ,जहां से समुद्र द्वारा वेनिस और जिनेवा को जाते थे ।तीसरा मार्ग ,मध्य एशिया से मिश्र और यूरोप के लिए था ।प्रश्न 2=व्यापारिक कंपनी से आप क्या समझते हो?
 उत्तर==व्यापारिक कंपनियों का अर्थ है व्यापार में कई लोगों की हिस्सेदारी ।सभी हिस्सेदार व्यापार में अपनी पूंजी लगाते थे और लाभ को पूंजी के अनुपात में बांट लेते थे 

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
 प्रश्न=== पुराने यूरोपीय व्यापारिक मार्ग कौन से थे ?नए व्यापारिक मार्गों की खोज क्यों शुरू हुई 
उत्तर ==भारत और यूरोप के मध्य व्यापार जल और थल मार्ग द्वारा होता था। इन मार्गों की संख्या 3 थी ।पहला मार्ग फारस की खाड़ी से होता हुआ समुद्री मार्ग था। दूसरा मार्ग लाल सागर से अलेक्जेंड्रिया का था ।जहां से समुद्र द्वारा वेनिस और जिनेवा को जाया जाता था ।तीसरा मार्ग मध्य एशिया से यूरोप के लिए था। 15 वीं शताब्दी 1453 में कुस्तुतुनिया  पर तुर्कों ने अपना अधिकार कर लिया ।अब तुर्कों ने यूरोप और भारत के मध्य सब सभी पुराने संसार माध्यमों को बंद कर दिया ।कुस्तुतुनिया नगर व्यापार मार्ग का मुख्य द्वार था अतः व्यापार के लिए यूरोप के व्यापारियों को कुस्तुनतुनिया नगर पार करके जाना पड़ता था। लेकिन  तुर्कों द्वारा मार्ग पर कब्जा होने के कारण यूरोप वासियों ने व्यापार के लिए नए समुद्री मार्गों को खोजना आरंभ कर दिया।

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